खरीदारी
नकली शॉपिंग और डिलीवरी पेज
हूबहू दिखने वाली साइट पर भारी छूट, या डिलीवरी SMS में छोटी 'री-डिलीवरी फीस'।
चेतावनी के संकेत
- बाजार से बहुत कम कीमत
- भुगतान केवल निजी नंबर पर UPI से
किसे सबसे अधिक निशाना बनाया जाता है
त्योहारों पर खरीदारी करने वाले और डिलीवरी का इंतजार करने वाले लोग।
ठगी कैसे काम करती है
हूबहू दिखने वाली दुकानें सोशल मीडिया पर विज्ञापित होती हैं, जहां कीमत बाजार से बहुत कम और स्क्रीन पर उलटी गिनती चलती है। भुगतान केवल निजी UPI आईडी पर लिया जाता है, या ऐसे पेज पर जो आपके कार्ड की जानकारी भी ले लेता है।
डिलीवरी वाला रूप छोटा लेकिन कहीं ज्यादा आम है: डिलीवरी फेल होने का SMS और छोटी री-डिलीवरी फीस। रकम मामूली होती है, मकसद आपका कार्ड और OTP लेना होता है।
आम तौर पर होने वाला क्रम
- 1विज्ञापन या फॉरवर्ड किए लिंक से बहुत कम कीमत वाली दुकान खुलती है।
- 2पेज पर नकली रिव्यू और समय सीमा दिखाई जाती है।
- 3भुगतान केवल निजी UPI आईडी या कार्ड पेज से लिया जाता है।
- 4या तो सामान आता ही नहीं, या कार्ड की जानकारी कहीं और इस्तेमाल होती है।
- 5साइट पर दिए नंबर कभी नहीं उठते।
अपनी सुरक्षा कैसे करें
- भुगतान से पहले वेबसाइट के नाम की वर्तनी ध्यान से देखें।
- कूरियर के लिंक पर ₹5 या ₹20 जैसी छोटी फीस भी न भरें।
- अनजान विक्रेता से कैश ऑन डिलीवरी या जाने-पहचाने प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दें।
टिप्पणी के नियम
- बैंक विवरण, OTP, कार्ड नंबर, आधार या शिकायत नंबर न लिखें।
- किसी व्यक्ति का नाम लेकर आरोप न लगाएं। आधिकारिक शिकायत cybercrime.gov.in पर करें।
- टिप्पणियां समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं। पैसे वापस दिलाने के लिए किसी को फीस न दें।