सोशल
रोमांस और दोस्ती के नाम पर ठगी
लंबी ऑनलाइन दोस्ती के बाद कस्टम में फंसे गिफ्ट, मेडिकल इमरजेंसी या निवेश की सलाह की बात आती है।
चेतावनी के संकेत
- वीडियो कॉल के लिए कभी उपलब्ध न होना
- हर बातचीत का अंत पैसों की मांग पर
किसे सबसे अधिक निशाना बनाया जाता है
अकेले, विधवा या हाल ही में अलग हुए लोग, हर उम्र में।
ठगी कैसे काम करती है
संपर्क डेटिंग ऐप, सोशल मीडिया, या गलत नंबर पर आए संदेश से शुरू होता है जो रोज की बातचीत बन जाता है। पैसों की बात आने से पहले हफ्तों तक धैर्य से रिश्ता बनाया जाता है।
फिर मांग एक कहानी के साथ आती है जिसमें जल्दबाजी और शर्म दोनों जुड़े होते हैं: कस्टम में रुका गिफ्ट, अस्पताल का बिल, वीजा की रकम, या 'सिर्फ आपके लिए' बताया गया निवेश।
आम तौर पर होने वाला क्रम
- 1हफ्तों तक लंबी और ध्यान देने वाली बातचीत चलती है।
- 2मिलने या वीडियो कॉल से बचने का कोई ठोस बहाना रहता है।
- 3फिर कोई संकट या कोई मौका सामने रखा जाता है।
- 4पहले छोटी रकम मांगी जाती है, अक्सर लौटा भी दी जाती है।
- 5फिर बड़ी रकम, और झिझकने पर भावनात्मक दबाव।
अपनी सुरक्षा कैसे करें
- जिनसे कभी आमने-सामने नहीं मिले, उन्हें पैसे कभी न भेजें।
- प्रोफाइल की तस्वीरें रिवर्स सर्च करके देखें।
- रिश्ते के बारे में किसी एक भरोसेमंद व्यक्ति को शुरू में ही बताएं।
टिप्पणी के नियम
- बैंक विवरण, OTP, कार्ड नंबर, आधार या शिकायत नंबर न लिखें।
- किसी व्यक्ति का नाम लेकर आरोप न लगाएं। आधिकारिक शिकायत cybercrime.gov.in पर करें।
- टिप्पणियां समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं। पैसे वापस दिलाने के लिए किसी को फीस न दें।